ऐसा है,
कि अगर देश के खिलाफ भौंकने वालों की निंदा करो , तो भक्त कहलाओगे,
और अगर असंवैधानिक तरीके से कोर्ट के बाहर मारपीट करने वाले एम.एल.ए की निंदा करो, तो देशद्रोही गद्दार कहलाओगे।
और अगर असंवैधानिक तरीके से कोर्ट के बाहर मारपीट करने वाले एम.एल.ए की निंदा करो, तो देशद्रोही गद्दार कहलाओगे।
तो कुल मिला के बात ये है, कि भक्त बनो या देशद्रोही, लेकिन भारतीय बनने की गलती मत करना ! वरना दोनों तरफ से कुटाओगे। बेहतर है, कि एक साइड ले लेयो और टांग के नीचे से कान पकड़ लेयो। और फिर लड़ो चोंच-लड़ाई, पूरे क्रांति-ध्वज के साथ। लाल-सलाम, केसरिया-सलाम, हरा-सलाम, सब मार लेयो।
लेकिन सुन लेयो, शाम को घर जल्दी आ जाना। घर में खाना बना होगा, च्यवनप्राश और दूध पीके आराम से सो जाना। कल फिर मुर्गा बाँग देगा! कुकडूकूSSSSS कुकडूकूSSSSS
फितूर कैसी है बे ? देखने लायक है?
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